संज्ञा और उसके भेद Noun and its Kinds

बच्चो ! नीचे दिए गए वाक्यों को पढ़िए और समझिए । जो शब्द रंगीन छपे हैं , वे ‘ संज्ञा ‘ शब्द  है ।

  1. घोड़ा  तेज दौड़ता है ।
  2. रामायण  हिंदुओं का पवित्र ग्रंथ है ।
  3. कविता  पत्र लिख रही है ।
  4. गांधी जी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे ।
  5. भारत की राजधानी नई दिल्ली है । 

उपर्युक्त वाक्यों में विशेष स्थानों , व्यक्तियों , भावों और जातियों के नाम आए हैं । ये नाम ही ‘ संज्ञा ‘ कहलाते हैं ।

भारत, नई दिल्ली :  विशेष स्थानों के नाम है। 

विशाल, रोहित  : विशेष व्यक्तियो के नाम है।

बच्चे, पशु, गाँव : जातियों के नाम है।

संज्ञा के भेद ( Kinds of Noun )

संज्ञा के निम्नलिखित पाँच भेद होते हैं

( 1 )  व्यक्तिवाचक संज्ञा ( Proper Noun ) — जो शब्द किसी व्यक्ति , स्थान या वस्तु का बोध कराते हैं , उन्हें ‘ व्यक्तिवाचक संज्ञा ‘ कहते हैं ; जैसे –

महात्मा गांधी , शिमला , पुस्तक आदि ।। 

( 2 ) जातिवाचक संज्ञा ( common Noun ) – वे शब्द जो एक ही प्रकार के प्राणियों , वस्तुओं और स्थानों का बोध कराते हैं , उन्हें जातिवाचक संज्ञा ‘ कहते हैं ; जैसे —

ग्रंथ , लड़की , दिन , बूढ़ा , बिल्ली , कुरसी , खिलाड़ी , पर्वत आदि ।

( 3 ) भाववाचक संज्ञा ( Abstract Noun ) – वे शब्द जो किसी व्यक्ति अथवा वस्तु के गुण , दशा , स्थिति , कर्म , अवस्था , भाव आदि का बोध कराते हैं , उन्हें ‘ भाववाचक संज्ञा ‘ कहते हैं ; जैसे-

सुंदर , पढ़ाई , लड़ाई , चोरी , भूख , प्यास , अमीरी , गरीबी , क्रोध , मूर्ख , मिठास आदि ।

ध्यान दें : कुछ विद्वान् अंग्रेजी के प्रभाव के कारण संज्ञा के दो भेद और मानते हैं । 

( 4 ) द्रव्यवाचक संज्ञा ( Material Noun ) – वे शब्द जो किसी पदार्थ ( द्रव्य ) या धातु का बोध कराते हैं , उन्हें ‘ द्रव्यवाचक संज्ञा ‘ कहते हैं : जैसे –

मिट्टी , चाँदी , लोहा , ऊन , तेल , दूध , घी , पीतल आदि द्रव्यवाचक संज्ञाएँ हैं । 

( 5 ) समूहवाचक संज्ञा ( Collective Noun ) – वे संज्ञा शब्द जो किसी समूह अथवा समुदाय का बोध कराते है , उन्हें ‘ समूहवाचक संज्ञा ‘ कहते हैं ; जैसे-

सेना , समूह , कक्षा , गुच्छा , झुंड , दल , परिवार आदि समूहवाचक संज्ञाएँ हैं ।

भाववाचक संज्ञाएँ बनाना

भाववाचक संज्ञाएँ निम्नलिखित पाँच प्रकार के शब्दों से बनाई जाती हैं

  1. जातिवाचक संज्ञाओं से 
  2. सर्वनामों से 
  3. विशेषणों से 
  4. क्रियाओं से 
  5. अव्ययों से
1. जातिवाचक संज्ञाओं से भाववाचक संज्ञाएँ बनाना :

जातिवाचक संज्ञा

भाववाचक संज्ञा

बूढ़ा

बुढ़ापा

बच्चा 

बचपन 

भाई 

भाईचारा

मनुष्य 

मनुष्यता

सज्जन 

सज्जनता

दुष्ट 

दुष्टता

युवक 

यौवन

दास

दासता

साधु 

साधुता

पंडित 

पांडित्य

जातिवाचक संज्ञा

भाववाचक संज्ञा

वीर

वीरता

कवि

कवित्व

व्यक्ति

व्यक्तित्व

मित्र

मित्रता

शत्रु

शत्रुता

लुटेरा

लूट

शिशु

शिशुता

प्रभु

प्रभुता

विद्वान

विद्वत्ता

वकील

वकालत

2. सर्वनामों से भाववाचक संज्ञाएँ बनाना :

सर्वनाम

भाववाचक संज्ञा

मम

ममता

सर्व

सर्वस्व

आप

आपा

सर्वनाम

भाववाचक संज्ञा

निज

निजता

अपना

अपनापन

पराया

परायापन

3. विशेषणों से भाववाचक संज्ञाएँ बनाना :

विशेषण

भाववाचक संज्ञा

प्यासा

प्यास

लोभी

लोभ

सम

समानता

विषम

विषमता

आलसी

आलस्य

युवा

यौवन

साफ़

सफाई

पापी

पाप

हरा

हरियाली

लम्बा

लम्बाई

स्वस्थ

स्वास्थ्य

विशेषण

भाववाचक संज्ञा

सुन्दर

सुन्दरता

ठंडा

ठंडक

राष्ट्रीय

राष्ट्रीयता

खट्टा

खटास

निर्बल

निर्बलता

चतुर

चतुरता

बुरा

बुराई

मधुर

मधुरता

हीन

हीनता

कायर

कायरता

भयानक

भय

4. क्रियाओं से भाव वाचक संज्ञाएँ बनाना :

क्रिया

भाववाचक संज्ञा

जीना

जीवन

थकना

थकावट

जलना

जलन

जागना

जाग

गिरना

गिरावट

लिखना

लिखावट

बचाना

बचाव

सजाना

सजावट

चलना

चाल

खेलना

खेल

मारना

मार

हँसना

हँसी

देखना

दिखावा

लगना

लगाव

क्रिया

भाववाचक संज्ञा

दौड़ना

दौड़

मिलना

मिलाप

मरना

मरण

सुनना

सुनवाई

सहज

सहजता

सिलना

सिलाई

माँगना

माँग

पूजना

पूजा

उड़ना

उड़ाना

चुनना

चुनाव

खोजना

खोज

कहना

कहावत

बैठना

बैठक

बहना

बहाव

5. अव्यवो से भाव वाचक संज्ञाएँ बनाना :

अव्यव

भाववाचक संज्ञा

धिक्

धिक्कार

आगे-पीछे

आगा- पीछा

शीघ्र

शीघ्रता

समीप

समीपता

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