हिंदी व्याकरण नोट्स (Hindi Grammar Notes) – सम्पूर्ण हिंदी व्याकरण अध्ययन सामग्री

Hindi Grammar | hindi Vyakaran – यहां  सम्पूर्ण  हिन्दी व्याकरण के महत्वपूर्ण टॉपिक्स के नोट्स समास, संधि, अलंकार, संज्ञा, सर्वनाम, विलोम शब्द, मुहावरे, हिंदी वर्णमाला, कारक,विशेषण आदि । Hindi Grammar प्रतियोगी परीक्षाओं से सम्बन्धित महत्वपूर्ण टॉपिक्स उपलब्ध करवाए गए है ।  हिंदी व्याकरण को आप यहां बहुत आसान भाषा में सिख पाएंगे । आपको यहां पर Hindi Vyakaran से जुड़ी हुई सभी जानकारी बहुत ही आसान भाषा में मिलने वाली है । जिसको एक बार पूरा पढ़ने के बाद आपका Hindi Grammar ( हिन्दी व्याकरण ) से सम्बन्धत कोई  भी प्रश्न का गलत नहीं होगा ।

हिन्दी व्याकरण क्या है? | What is Hindi Grammar

Hindi Vyakaran यह हिंदी भाषा के अध्ययन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो हिंदी भाषा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब हिंदी भाषा बोलने, सीखने या लिखने की बात आती है तो हिंदी व्याकरण का ज्ञान होना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। हिंदी व्याकरण हिंदी भाषा को शुद्ध रूप में बोलने और लिखने संबंधी नियमों का बोध कराने वाला शास्त्र है।

व्याकरण की परिभाषा – व्याकरण वह विधा है जिसके द्वारा हम किसी भाषा का शुद्ध बोलना, लिखना, एवं समझना आता है। अर्थात व्याकरण हिंदी भाषा की वह रचना है जो हिंदी भाषा को बोलने या लिखने की प्रक्रिया को शुद्ध करती है। हिंदी भाषा के शुद्ध रूप के नियम बताने वाला शास्त्र व्याकरण कहलाता है।

हिंदी व्याकरण के जनक कौन है ? ( Who is the father of Hindi Grammar )

हिन्दी व्याकरण का जनक श्री दामोदर पंडित जी ( Father Of Hindi Grammar ) को माना जाता है। श्री दामोदर पंडित जी ने 12 वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में एक ग्रंथ की रचना की थी जिसे ” उक्ति-व्यक्ति-प्रकरण ” के नाम से जाना जाता है । दामोदर पंडित जी बनारस के निवासी थे।

हिंदी व्याकरण का पाणिनि किसे कहा जाता है ?

” आचार्य किशोरीदास वाजपेयी ” को हिंदी व्याकरण का पाणिनि कहा जाता है।

हिंदी व्याकरण ( Hindi Grammar ) : व्याकरण भाषा के शुद्ध रूप का ज्ञान कराता है । व्याकरण एक शास्त्र है । इसके नियमों द्वारा ही भाषा का शुद्ध रूप निर्धारित होता है । किसी भी भाषा के ज्ञान के लिए उसके व्याकरण का ज्ञान होना बहुत जरूरी है ।

व्याकरण के मुख्य रूप कितने होते हैं?

व्याकरण को मुख्य रूप से तीन भागों में विभाजित किया गया है-

( क ) वर्ण – विचार ( Phonology )
( ख ) शब्द – विचार ( Morphology )
( ग ) वाक्य – विचार ( Syntax )

Hindi Grammar Important for Class 12, Class 11, Class 10, Class 9, Class 8, Class 7, Class 6, Class 5 etc.

Learn online Hindi Grammar with examples and can download pdf also in Hindi. नीचे दिए सभी विषयों को आसान हिंदी व्याकरण के सरल तरीको में वर्णित किया गया है।

हिंदी व्याकरण (Hindi Grammar) – Sangya (संज्ञा ), Sarvanam (सर्वनाम), Kriya (क्रिया), Visheshan (विशेषण), Viram Chinh (विराम चिन्ह), Ling (लिंग), Sandhi (संधि) & Sandhi Vichchhed (संधि विच्छेद), Sanskrit Shabd Roop (संस्कृत शब्द रूप), Anekarthi Shabd (अनेकार्थी शब्द), Ekarthak Shabd (एकार्थक शब्द), One Word Substitution (अनेक शब्दों के लिए एक शब्द), Vilom Shabd (विलोम शब्द), Paryayvachi Shabd (पर्यायवाची शब्द), Ras (रस), Karak (कारक), Samas (समास), Shabd Vichar (शब्द विचार), Varnamala (वर्णमाला) आदि हिन्दी व्याकरण (Hindi Grammar) प्रतियोगी परीक्षाओं से सम्बंधित महत्वपूर्ण टॉपिक्स दिए गए हैं।

हिन्दी व्याकरण का परिचय

हिंदी व्याकरण को मुख्य रूप से तीन भागों में विभाजित किया जाता है:

1. वर्ण विचार – भाषा की सबसे छोटी ध्वनि को वर्ण कहते हैं।

अध्ययन करें:

2. शब्द विचार – शब्दों की रचना, उत्पत्ति एवं प्रयोग का अध्ययन।

अध्ययन करें:

  • शब्द
  • उपसर्ग
  • प्रत्यय
  • संधि
  • समास

3. वाक्य विचार – वाक्य की संरचना एवं प्रयोग का अध्ययन।

अध्ययन करें:

हिंदी व्याकरण के सभी अध्याय

संधि – दो वर्णों के मेल से होने वाले परिवर्तन को संधि कहते हैं।

संधि के प्रकार

संधि हिंदी व्याकरण का अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है और लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाते हैं।

➡️ संधि के विस्तृत नोट्स पढ़ें

समास – दो या दो से अधिक शब्दों को मिलाकर बनाए गए संक्षिप्त रूप को समास कहते हैं।

समास के प्रकार

➡️ समास के विस्तृत नोट्स पढ़ें

उपसर्ग – जो शब्दांश किसी शब्द के पहले जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन करता है, उसे उपसर्ग कहते हैं।

➡️ उपसर्ग के नोट्स

प्रत्यय – जो शब्दांश किसी शब्द के अंत में जुड़ता है उसे प्रत्यय कहते हैं।

➡️ प्रत्यय के नोट्स पढ़ें

संज्ञा – किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं।

संज्ञा के भेद

➡️ संज्ञा के नोट्स

सर्वनाम – संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त शब्द सर्वनाम कहलाते हैं।

➡️ सर्वनाम के नोट्स

विशेषण – संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्द विशेषण कहलाते हैं।

➡️ विशेषण के नोट्स

क्रिया – जिस शब्द से कार्य के होने या करने का बोध हो उसे क्रिया कहते हैं।

➡️ क्रिया के नोट्स

अव्यय – जिन शब्दों में लिंग, वचन, पुरुष अथवा कारक के कारण कोई परिवर्तन नहीं होता, उन्हें अव्यय कहते हैं।

➡️ अव्यय के नोट्स

कारक – संज्ञा और सर्वनाम का क्रिया के साथ संबंध बताने वाले रूप को कारक कहते हैं।

कारक के प्रकार

➡️ कारक के नोट्स

काल – क्रिया के समय का बोध कराने वाले रूप को काल कहते हैं।

काल के प्रकार

➡️ काल के नोट्स

वाच्य – क्रिया के जिस रूप से कर्ता, कर्म या भाव की प्रधानता प्रकट हो उसे वाच्य कहते हैं।

➡️ वाच्य के नोट्स

रस – काव्य का प्राण रस माना जाता है।

प्रमुख रस

➡️ रस के नोट्स

अलंकार – अलंकार का शाब्दिक अर्थ आभूषण, जिस प्रकार स्त्री की शोभा आभूषण से होती है उसी प्रकार काव्य की शोभा अलंकार से होती है अर्थात जो किसी वस्तु को अलंकृत करे उसे अलंकार कहते है।

अलंकार के प्रकार

➡️ अलंकार के नोट्स

छंद – कविता के लिखने के नियमों को छंद कहते हैं।

➡️ छंद के नोट्स

मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ – प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरों एवं लोकोक्तियों से प्रश्न पूछे जाते हैं।

➡️ मुहावरों के नोट्स
➡️ लोकोक्तियों के नोट्स

पर्यायवाची शब्द – समान अर्थ वाले शब्दों को पर्यायवाची कहते हैं।

➡️ पर्यायवाची शब्द

विलोम शब्द – विपरीत अर्थ वाले शब्दों को विलोम शब्द कहते हैं।

➡️ विलोम शब्द

Topic

Action

वर्णमाला ( varnamala )

संधि 

समास


उपसर्ग

प्रत्यय

संधि-विच्छेद

  Start Test  

शब्द रचना

परिभाषिक शब्द

संज्ञा

लिंग

वचन

सर्वनाम

विशेषण

क्रिया

काल

क्रियाविशेषण

वाच्य

वाक्य संरचना

अनेकार्थी शब्द

  Start Test  

पर्यायवाची शब्द

विलोम शब्द

समरूपी भिन्नार्थक शब्द

  Start Test  

मुहावरे

  Start Test  

लोकोक्तियाँ

  Start Test  

शब्दशुद्धि

  Start Test  

अशुद्ध वाक्यों को शुद्ध करना

  Start Test  

वर्तनी की अशुद्धियाँ सुधारना

  Start Test  

कारक

अव्यय

विराम चिन्ह 


अलंकार

छंद

रस

अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

तत्सम-तद्भव शब्द

वाक्य परिवर्तन

हिंदी व्याकरण पढ़ने का सही क्रम जो इस प्रकार है –

  1. वर्ण विचार
  2. शब्द विचार
  3. संज्ञा
  4. सर्वनाम
  5. विशेषण
  6. क्रिया
  7. अव्यय
  8. कारक
  9. काल
  10. वाच्य
  11. संधि
  12. समास
  13. उपसर्ग
  14. प्रत्यय
  15. रस
  16. अलंकार
  17. छंद

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण हिंदी व्याकरण टॉपिक्स – यहाँ आपके लिए इन सभी टॉपिक के ऑनलाइन टेस्ट भी उपलब्ध करवाए गए है –

विषयTest
संधिStart Quiz
समासStart Quiz
कारकStart Quiz
उपसर्गStart Quiz
प्रत्ययStart Quiz
रसStart Quiz
अलंकारStart Quiz
मुहावरेStart Quiz
लोकोक्तियाँStart Quiz

हिन्दी व्याकरण ( Hindi Grammar ) प्रश्न उत्तर ( FAQ’s)

प्रश्न – हिंदी व्याकरण के जनक कौन है?
उत्तर – श्री दामोदर पंडित जी को हिन्दी व्याकरण का जनक माना जाता है।

प्रश्न – व्याकरण किसे कहते है?
उत्तर – व्याकरण हिंदी भाषा की वह रचना है जो हिंदी भाषा को बोलने या लिखने की प्रक्रिया को शुद्ध करती है। हिंदी भाषा के शुद्ध रूप के नियम बताने वाला शास्त्र व्याकरण कहलाता है।

प्रश्न –  हिंदी का प्रथम व्याकरण कौन सा है?
उत्तर – बारहवीं सदी में प. दामोदर द्वारा लिखित ‘उक्ति व्यक्ति प्रकरण’ हिंदी का प्रथम व्याकरण ग्रंथ माना गया है।

प्रश्न – व्याकरण का महत्व क्या है?
उत्तर – Hindi Vyakaran यह हिंदी भाषा के अध्ययन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो हिंदी भाषा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब हिंदी भाषा बोलने, सीखने या लिखने की बात आती है।

प्रश्न – हिंदी व्याकरण में क्या क्या आता है?
उत्तर – हिंदी व्याकरण ( hindi grammar ) में भाषा, हिंदी भाषा, वर्ण, शब्द, पद, वाक्य, काल, विराम चिन्ह, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, वचन, उपसर्ग, प्रत्यय, समास, अलंकार, विलोम शब्द, पर्यायवाची शब्द, छंद, रस, संधि, अव्यय, लिंग, तत्सम – तद्भव, क्रिया, क्रिया विशेषण आदि प्रमुख अध्याय आते है

प्रश्न – व्याकरण के 4 स्तर क्या हैं?
उत्तर – व्याकरण के चार अंग होते हैं वर्ण विचार, शब्द विचार, पद विचार एवं वाक्य विचार 

आशा करते है की हमारी इस Hindi Grammar के Lessons for class 5, 6, 7, 8, 9, 10 से आप हिन्दी व्याकरण को भली भाती सिख पाएंगे होगे।